Poem on Sun in Hindi

सूरज पर कविता – Poem on Sun in Hindi

नमस्कार दोस्तों! आपका Hindipool पर स्वागत है| आज हमने Poem on Sun in Hindi लिखी है| निचे दी गई सूरज पर कविताएँ सभी छात्र अपनी परीक्षाओ में भी इस्तेमाल कर सकते हैं|

सूर्य को सूरज, दिनकर, प्रभाकर, भास्कर, भानु, दिनेश आदि के नामो से भी जाना जाता है| सूरज के अन्य नाम पढ़ने के लिए आप हमारा सूरज के पर्यायवाची शब्द पर लेख पढ़ सकते हैं, और सूर्य से जुडी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारा सूर्य पर निबंध पढ़ सकते हैं| इस लेख में हम सूर्य पर हिंदी कवितायें पढ़ेंगे, तो आइये शुरू करते हैं|

सूरज पर कविता – Poem on Sun in Hindi

Hindi Poem on Sun

उदित हुआ भरने को नव उम्मीद,
निभाता हर दिन नए शुभारंभ की रीत,

रंग ओढ़ सिंदूरी ओजस्व मुस्काता,
नव विहार को ओर बढ़ हो जाता,

तप्ता है घनघोर अगन,
परस्पर है गति मान मगन,

संघर्ष को पहुँचाता ऊष्मा भरी नेह,
जीवन में बरसाता श्रमवारी मेह,

सॉंझ के साथ धीरे-धीरे मद्धिम हो जाता है,
उस संग प्रेमवश ढलता जाता,

निहार स्व प्रतिबिम्ब नदी में अतरंग,
भरता स्व में पुनः उदित की उमंग,

शीतल चंद्र को अपने प्रकाश से चमकाता,
रात्रि को प्रेम रुपी प्रतिक दे जाता,

पथिक “दिवाकर” प्रतिदिन यूँ ही आता,
निश्छल सा सुकून तपिश रूपी बरसाता|

यह भी पढ़े: नदी पर 8 सर्वश्रेष्ठ कवितायें – Poems on river


डूबता सूरज पर कविता – Sunrise Poem in Hindi

ऐसी जिंदगी भी क्या जिंदगी जिसमें डूबता हुआ सूरज ना हो,
खुशियां हो हजारों पर हार का मंजर ना हो|

ढलना उसकी किस्मत नहीं यह उसकी मांग है,
जहाँ बस विजय हो जिंदगी में यह कैसी उड़ान है,

हारना भी जरूरी है जनाब यह इस जमाने की मांग है,
जो उड़ता रहा हवाओं में सीखा उसने ख़ाक है,

गिर के संभलना ही तो है ज़िन्दगी की सबसे बड़ी कला है,
उड़ना तो हर किसी का अरमान है,

जो सिख गया इस बात को करते सभी उसको प्रणाम हैं,
डूबता हुआ सूरज है वो डूबना ही उसका कमा है|

शौक है उसका डूबना पर लौट के आता है वो,
उम्मीद का दरिया है हर रोज़ नई उम्मीद की किरण लाता है वो,

अगर ढलता वो रोज है,
तो उगता भी वो रोज है,

कभी घमंड नहीं करता है वो अपनी ऊंचाई का,
इसलिए डूबता भी वो रोज़ है||

मेहनत तो तुम्हे करनी है अगर करना अपना नाम है,
उसका क्या वो तो ढलता हुआ सूरज है, ढालना उसका काम है|

यह भी जरूर पढ़े: वर्षा पर 7 लाजवाब कवितायें – Poems on Rain


Sun Poem in Hindi

हर दिन सुबह को सूरज आकर नींद से जगाता है,

पुरे दिन उजाला फैलाने के बाद,

श्याम को अपने घर चला लाता है,

दिन भर खुद को जला-जलाकर,

सूरज पूरी दुनिया में उजाला फैलाता है,

उसका जीना है जीना है,

जो काम सभी के आता है||

यह भी पढ़े: बच्चो के पेड़ पर 7 बेहतरीन कवितायें – Poems on Tree


सूरज पर कविता हिंदी में – Poem About Sun in Hindi

अगर की तरह चमकना है तो,

पहले उसकी तरह जलना सीखो,

अगर सूरज की तरह सबको दिखना है तो,

पहले उसकी तरह लोगो की ज़िन्दगी में उजाला भरना सीखो,

अगर सूरज की तरह उचाइयाँ छूनी है तो,

पहले उसकी तरह सही समय पर उड़ना सीखो||


Short Poem on Sun in Hindi

सूरज चाचा दोस्त हमारे,
पुरे जग को यह अपनी रौशनी पहुँचाते|

सूरज चाचा रोज़ सुभे आते,
रोज़ हम सबको बिस्तर से उठाते,

फिर खुदको जलाकर,
सबको रौशनी बरसाते,

इसलिए तो,
इतने महान माने जाते|

सूरज चाचा दोस्त हमारे,
पुरे जग को यह अपनी रौशनी पहुँचाते|

यह भी जरूर पढ़े: पर्यावरण पर 5 सर्वश्रेष्ठ कवितायें – Poem on environment


हम उम्मीद करते हैं बच्चो आपको हमारी Poem on Sun in Hindi पसंद आयी होगी| इन्हे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें और यदि आप सूरज पर ऐसी और कवितायें जानते हैं तो उसे निचे कमैंट्स में जरूर हमारे साथ जरूर शेयर करें, हम उन्हें हमारे लेख में जरूर करेंगे| धन्यवाद!

Hindipool

Rahul हिंदी ब्लॉग इंडस्ट्री के प्रमुख लेखकों में से एक हैं, इनकी पढ़ाई-लिखाई, टेक्नोलॉजी, आदि विषय में असीम रूचि होने के कारण, इन्होने ब्लोग्स के जरिये लोगो की मदद करके अपना करियर बनाने का एक अनोखा एवं बेहतरीन फैसला लिया है|

View all posts by Hindipool →

Leave a Reply

Your email address will not be published.